दोस्तों आपको बता दे की हमारे देश में आजादी के बाद से ही सारे चीते गयब हो गए थे

लेकिन आजादी के 75 साल बाद नामीबिया से 8 चीतों को भारत लाया गया है

महाराजा रामानुज प्रताप सिंह ने 1947 में बजे आखिरी 3 चीतों का शिकार कर लिया था

दोस्तों आपको जानकारी कर दे की चीते 120 kmph की रफ़्तार से भाग सकते है

परन्तु वे अपनी पूरी रफ़्तार में मात्र 450 meter ही भाग सकते है

चीता के पास एक खासियत होती है की वह मिलो मिल दूर बेहद आसानी से देख सकता है

इसके अलावा आपको जानकारी कार दे की चीता अपने शिकार का पीछा केवल 1 मिनट तक ही करता है

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